अभियान की प्रधान संरक्षक गौ माता और अध्यक्ष नंदी बाबा
देश में पहला अनोखा अभियान शुरू हो चुका है जिसमें कोई संस्था संगठन और बैनर नहीं है केवल ईश्वर गौ माता और नंदी बाबा का सानिध्य होगा पूरे अभियान की प्रधान संरक्षक गौ माता है अध्यक्ष नंदी बाबा है और भारतीय परंपरा के समस्त आराध्य देवी देवताओं का इस अभियान को आशीर्वाद रहेगा इसके साथ ही भारतीय परंपरा के सभी मूर्धन्य संत महानुभाव सभी गौ भक्त गौ सेवक गो पालक गो पुत्र एवं गो प्रेमी इसमें सहयोग करेंगे।

दरअसल देश में गौ सेवा गौ सुरक्षा और गौ सम्मान के लिए 1966 2012 2014 2016 2018 और 2023 में आंदोलन हो चुके हैं जो कि किसी न किसी संगठन के बैनर तले और किसी न किसी के नेतृत्व में होते आए हैं लेकिन यह सब आंदोलन अब तक असफल रहे हैं इसलिए इस बार इसे आंदोलन नहीं अभियान का नाम दिया गया है और संतों ने निर्णय लिया है कि इस बार कोई संस्था और कोई संगठन नहीं होगा कोई नेतृत्व कर्ता नहीं होंगे किसी संत की अगुवाई भी नहीं होगी कोई भी गौ सेवक अथवा संत महापुरुष नेतृत्व नहीं करेगा गौ माता और नंदी बाबा के अलावा किसी का ना नाम होगा और ना ही किसी का पोस्टर पर चित्र होगा।








आशीर्वाद भारतीय परंपरा के समस्त आराध्य देवी देवता
इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य केंद्र सरकार और देश की सभी राज्य सरकारों से राष्ट्र और भारतीय संस्कृति के हित में संविधान के दायरे में रहकर अहिंसक तरीके से प्रार्थना कर गौ माता सेवा अर्थात गौ माता को उचित अनुसंधान और अनुदान मिले सुरक्षा अर्थात भारत से गौ हत्या पूरी तरह समाप्त हो सम्मान गौ माता राष्ट्र माता अर्थात राष्ट्र देव राष्ट्र आराध्या राष्ट्र धरोहर राष्ट्र आधार बने का मौलिक अधिकार प्रदान करवाना यह आंदोलन क्रमबद्ध चल रहा है दिसंबर से अप्रैल तक गहन प्रचार प्रसार जनसंपर्क कर सकल सनातन भारतीय समाज को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है समग्र तैयारी के बाद 27 अप्रैल 2026 सोमवार को क्षेत्र के सभी गौ भक्त एवं संतों के साथ मिलकर तहसील ब्लॉक मुख्यालय जाकर तहसीलदार या एसडीएम को राष्ट्रपति प्रधानमंत्री राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम गौ सेवा गौ सुरक्षा और गैस सम्मान के निमित्त प्रार्थना पत्र देंगे इसके पश्चात ढाई माह मई जून जुलाई शासन से सकारात्मक संवाद करते हुए यदि अनुकूल परिणाम आते हैं तो फिर 27 जुलाई 2026 को कलेक्टर के माध्यम से सरकार को धन्यवाद पत्र देंगे और यदि नहीं आते हैं परिणाम तो 27 जुलाई 2026 को प्रत्येक जिला केदो पर जाकर जिला कलेक्टर को फिर से ज्ञापन देंगे इसी तरह 10 अक्टूबर तक प्रतीक्षा करने के बाद यदि अनुकूल परिणाम नहीं आए तो फिर 27 अक्टूबर 2026 को प्रत्येक राज्य की राजधानी में जाकर राज्य शासन के सचिव के माध्यम से फिर से प्रार्थना पत्र देंगे इसके बाद फिर से 3 माह नवंबर दिसंबर जनवरी शासन से सकारात्मक संवाद करते हुए प्रतीक्षा करेंगे 3 माह प्रतीक्षा करने पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ओर से 26 जनवरी 2027 तक आशा अनुकूल उत्तर या परिणाम मिल जाता है तो 27 फरवरी 2027 को सभी राज्यों के 5000 तहसील और 780 जिलों की नियुक्त किए गए संत और गौ भक्त एक महीने तैयारी करके एक करोड़ से भी अधिक गो प्रेमी लेकर दिल्ली पहुंचेंगे और सरकार को धन्यवाद प्रदान करेंगे अगर किसी कारण से गौ सेवा गौ सुरक्षा को सम्मान हेतु 26 जनवरी 2027 तक भी सरकार की ओर से सकारात्मक गो कार्य नहीं होता है तो देश के 780 जिलों 5000 तहसीलों के नियुक्त किए गए सभी को संत और गौ भक्त एक माह में तैयारी करके अधिक अधिक गो प्रेमियों को लेकर दिनांक 27 फरवरी 2027 को राष्ट्र की राजधानी दिल्ली पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से संकीर्तन करते हुए गौ सेवा गो सुरक्षा को सम्मान के लिए केंद्र सरकार से नियमित पत्र लेखन के माध्यम से आह्वान करेंगे ये सभी गो भक्त साढे पांच माह अर्थात 15 अगस्त 2027 तक दिल्ली में बैठकर सरकार से नियमित गौ सेवार्थ गौ रक्षार्थ गो सममानार्थ प्रार्थना जारी रखेंगे संकीर्तन सभा में देश के प्रत्येक जिले से साथ-साथ दिन का समय लेकर अलग-अलग तिथियां पर अलग-अलग जिलों के गो प्रेमी गो संत तथा कार्यकर्ता शामिल होंगे साढ़े पांच माह कीर्तन सहित प्रार्थना और प्रतीक्षा करने पर 15 अगस्त 2027 को प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से गौ सेवार्थ गौ रक्षार्थ और गौ समानार्थ उचित समाधान कर देते हैं तो सभी को गो भक्त सरकार को धन्यवाद देकर लौट आएंगे उपरोक्त चार चरणों तहसील जिला राज्य और केंद्र 16 माह तक शांतिपूर्ण प्रार्थना करने पर भी सरकार की ओर से अनुकूल परिणाम नहीं मिले तो 16 अगस्त 2027 से 5 -5 गौ भक्त और संत आमरण अनशन पर बैठेंगे अनशन में एक किसी गौ सेवक के गो हित प्राण जाने पर उसकी जगह दूसरे को प्रेमी संत भक्त आमरण अनशन पर बैठेंगे यह क्रम तब तक जारी रहेगा जब तक गौ सेवा गौ सुरक्षा गौ सम्मान नहीं मिल जाता।
गो सम्मान आह्वान अभियान
गो रक्षा अनुदान गौशाला कानून और गो चिकित्सालय अभियान के मुख्य मुद्दे
गो सम्मान आह्वान अभियान में जो प्रार्थना पत्र तहसीलदार से लेकर राष्ट्रपति को दिए जाने हैं उसमें मुख्य रूप से गौरक्षा गोगवय का महत्व अनुदान एवं चारा संबंधित गौशाला से संबंधित कानून संबंधित गो चिकित्सालय ओर विद्यालय संबंधी 34 बिंदुओं पर मुख्य आग्रह किया गया है
दरअसल गो सम्मान आह्वान अभियान काफी सोच समझकर चलाया जा रहा है इसमें जो प्रमुख प्रार्थना है उसमें लगभग वे सभी बिंदु शामिल हैं जिससे गौ माता की रक्षा भी होगी और उनकी देखभाल होगी और उनसे जो उत्पाद है वह काफी उपयोगी साबित होंगे करीब 34 बिंदुओं में सरकार से जो मुख्य आग्रह किया गया है उसमें प्रमुख रूप से गौ माता को राष्ट्र माता गौ सेवा हेतु केंद्रीय कानून और भारतवर्ष में गो हत्या पूरी तरह समाप्त करने की प्रार्थना की गई है गोगवय का महत्व बताया गया है जिसमें कहा गया है की गोबर गोमूत्र को लेकर के वृहद अनुसंधान केंद्र कृषि विश्वविद्यालय में बने जिससे गोबर गोमूत्र का कृषि और अन्य उपयोग में महत्व बढ़ सके गौ माता का दूध दही घी गोबर गोमूत्र को बढ़ावा मिले इससे जुड़े प्रसंस्करण यूनिट को बढ़ावा दिया जाए और नवीन अनुसंधान हो रासायनिक कृषि को नियंत्रित कर गो आधारित कृषि को बढ़ावा दिया जाए सरकारी भवनों चिकित्सालय में सामान्य पेट की जगह गोबर पेंट और फिनायल की जगह गोनाईल उपयोग अनिवार्य किया जाए आयुर्वेद चिकित्सालय में पंचगव्य औषधीयो
का निशुल्क वितरण किया जाए बड़े शॉपिंग मॉल में गो आधारित कृषि उत्पाद और देसी गौ से संबंधित डेयरी और गोबर गोमूत्र उत्पाद विक्रय हेतु एक काउंटर की अनिवार्यता लागू की जाए इसी तरह अनुदान और चार संबंधी आग्रह किया गया है जिसमें राज्यों में निराश्रित गोवंश हेतु संचालित गौशालाओं को अनुदान पर्याप्त प्राप्त हो जिससे निराश्रित गोवंश की उचित सेवा हो सके चारे की उचित कीमत तय की जाए चारे के अवैध भंडारण पर रोक लगे जिससे माफिया पर लगाम लगे घास का उपयोग केवल गो आहार और पशु आहार के रूप में हो अन्य उपयोग ना हो चारे को फैक्ट्री में जलाने पर प्रतिबंध लगे देश भर में आरक्षित गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु कार्रवाई हो गोचर विकास बोर्ड की स्थापना हो गोचर भूमि का उपयोग केवल गौशाला संचालक और गोचरण हेतु हो इसी तरह गौशाला संबंधित जो मुख्य आग्रह किया गया है उसमें भारत के प्रत्येक प्रांत में कम से कम एक गो अभ्यारण उपयुक्त वन भूमि या गोचर भूमि पर खोला जाए प्रत्येक ग्राम पंचायत पर निराश्रित नर गोवंश के लिए नंदी शाला की स्थापना हो गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए ताकि गौशाला में काम करने वाले लोगों को 100 दिन का ग्वाल का वेतन मनरेगा से प्राप्त हो और एवं मनरेगा योजना के तहत गौशालाओं में निर्माण कार्य हो संपूर्ण देश में गोबर से संख्या के आधार पर गौशालाओं को एक निश्चित बिजली यूनिट निशुल्क आवंटित हो अथवा बिजली बिल में एक निश्चित प्रतिशत छूट मिले अधिक दान प्राप्त करने वाले सरकारी नियंत्रण में चल रहे मंदिरों के साथ गौशाला संचालन अनिवार्य किया जाए महानगरों में बड़े आवासीय क्षेत्र में गौशाला स्थापित करने हेतु बिल्डर को पृथक स्थान छोड़ने के निर्देश जारी किए जाएं ताकि वहां रहने वाले को प्रेमियों को गौ दर्शन और ग्रास का लाभ प्राप्त हो एवं निराश्रित गोवंश को आश्रय प्राप्त हो सके गोवंश की मृत देह का उचित अंतिम संस्कार हो सके ऐसा स्थान सरकार उपलब्ध कराये एवं अंतिम संस्कार की उचित व्यवस्था हो ताकि गौ माता की मृत देह का अपमान ना हो प्रार्थना पत्र में कानूनी संबंधी आग्रह भी किया गया है जिसमें कहा गया है कि गौ हत्यारे गो तस्करी में लिप्त अपराधियों के लिए आजीवन कठोर कारावास जैसी सजा का प्रावधान हो गो तस्करी में उपयोग आने वाले वाहनों की जपती होने पर जमानत न हो वह सदा सदा के लिए राजसात हो और उन्हें नीलाम किया जाए अथवा गौशालाओं को उपयोग हेतु सौंप दिया जाए कंपनियों के सीएसआर फंड में से एक निश्चित राशि गौ सेवा से जुड़े कार्य हेतु खर्च करने की अनिवार्यता लागू हो, सिंगल उसे पॉलीथिन कैरी बैग के उपयोग पर शक्तिपूर्वक प्रतिबंध लगाया जाए अथवा उसके उपयोग के पश्चात विधिवत निस्तारण किया जावे पशु मेलो के नाम पर हो रही अवैध गो तस्करी पर अंकुश लगाने हेतु केंद्रीय कानून बने इसी तरह प्रार्थना पत्र में गो चिकित्सालय एवं विद्यालय से संबंधित आग्रह किया गया है जिसमें मुख्य रूप से जिला स्तर पर पृथक से पंचगव्य चिकित्सालय की स्थापना हो विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड डे मील में देसी गाय माता के ताजा दूध अथवा देसी गाय माता के दूध के पाउडर को शामिल किया जाए संस्कृत विद्यालयों में गौ सेवा प्रकल्प अनिवार्य किए जाएं सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों में देसी गाय के आर्थिक वैज्ञानिक और धार्मिक महत्व की विषय को अनिवार्य किया जाए राजमार्गों पर होने वाली गो दुघटनाओं पर नियंत्रण के उपाय किए जाएं प्रत्येक 50 किलोमीटर अथवा प्रत्येक टोल प्लाजा पर घायल गोवंश को तत्काल उपचार मुहैया कराने हेतु गो वाहिनी एंबुलेंस और गो चिकित्सा कर्मी नियुक्त हो तथा प्रत्येक 150 से 200 किलोमीटर पर गो चिकित्सालय की व्यवस्था हो।
कुल मिलाकर गो सम्मान आह्वान अभियान में जितने भी बिंदु मुख्य आग्रह में शामिल किए गए हैं यदि सरकार गंभीरता पूर्वक विचार करके निर्णय ले लेती है तो फिर चौतरफा समाज और देश को फायदा हो सकता है आर्थिक और धार्मिक के साथ-साथ वैज्ञानिक महत्व भी बढ़ेगा और संत समाज एवं गौ भक्तों की वर्षों पुरानी मांग भी पूरी हो जाएगी इस बार जिस तरह से आंदोलन को अभियान नाम दिया गया है शोरगुल की जगह संकीर्तन का रास्ता अपनाया गया है धैर्य और संयम की पराकाष्ठा तक जाने की तैयारी है सो इस बार की लड़ाई निर्णायक साबित होगी।

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