बजट में ‘बाजीगरी’ दिखाने की तैयारी – देवदत्त दुबे

बजट में ‘बाजीगरी’ दिखाने की तैयारी – देवदत्त दुबे

फरवरी के प्रथम पखवाड़े में विधानसभा का बजट सत्र आहुत किया जा सकता है, इसके लिए विधानसभा सचिवालय ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य सरकार ने सभी विभागों से 15 जनवरी तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, इसमें बीते 1 साल में विभिन्न योजनाओं पर हुए खर्च और उनसे जुड़े परिणाम, क्या रहे कितने लोगों को रोजगार मिला, इसका पूरा ब्यौरा देने को कहा गया है, इस वर्ष कृषि कल्याण वर्ष मनाया जाना है। इसकी भी रणनीति तैयार की जा रही है, वित्त विभाग ने सभी विभाग अध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों से पूछा है कि उनके द्वारा अगले एक साल में कौन से नवाचार किए जाएंगे और विभाग का राजस्व कैसे बढ़ पाएगा यह सभी जानकारी 15 जनवरी तक मांगी गई है। इसमें सभी अपर मुख्य सचिव प्रमुख सचिव सचिव विस्तार के अफसर से कहा गया है कि नई योजनाओं की जानकारी, इसमें शामिल की जाए, इसलिए नई योजनाओं की डिटेल भी विभागों को भेजना है।


अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान, अगले वित्तीय बजट वर्ष 2026-27 के अलावा, अगले 2 वर्ष यानी की 27- 28 और वर्ष 28- 29 के रोलिंग बजट को लेकर भी मंथन किया जाएगा, नगरीय प्रशासन विभाग को स्पष्ट तौर पर कह दिया गया है कि मौजूदा व्यक्ति वर्ष में प्रदेश को पूरी तरह से झुग्गी मुक्त राज्य बनाना है। इसके लिए नगरीय प्रशासन के अलावा दूसरे संबंधित विभागों से भी कार्य योजनाएं मांगी गई है, गौ-संवर्धन एवं संरक्षण गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी जानकारी भी दी जाए, साथ ही शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए की गई कार्रवाई और कितनी भूमि कितने मूल्य की भूमि अतिक्रमण से मुक्त हुई है, इसका ब्यौरा भी देना होगा।


बहरहाल, सरकार जिस तरह से बजट की तैयारी कर रही है, उसमें जो महत्वपूर्ण जानकारी बुलाई जा रही है कि योजनाओं पर कितना खर्च हुआ और कितने लोगों को रोजगार मिला। विभाग बार आंकड़े आने के बाद बजट भाषण जो दिए जाएंगे, उसमें विभाग बार उल्लेख होगा कि इतने रोजगार मिले, इतना योजनाओं पर खर्च हुआ। वित्त विभाग के प्रमुख सचिव, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विभाग अध्यक्षों के साथ चर्चा करेंगे और यह चर्चा 29 जनवरी तक जारी रहेगी। इसके उपरांत बजट को लेकर विभाग, मंत्रियों के साथ भी मंत्रणा करेंगे। पहले राज्य के 32 विभाग के साथ होने वाला मंथन, अब 19 जनवरी से 29 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। सरकार ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्यो को ध्यान में रखते हुए, सभी विभागों से फीडबैक भी तलब किया है। इस फीडबैक के आधार पर दीर्घकालिक विकास रणनीति को बजट में शामिल किया जाएगा, बजट प्रस्ताव पर विभागीय बैठकों में प्राप्त रिपोर्ट और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।


कुल मिलाकर बजट में बाजीगरी दिखाने के लिए विधानसभा सचिवालय और राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी है, जिससे कि उपलब्धियां का ब्यौरा विधानसभा के माध्यम से चहुं ओर पहुंच सके।

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