विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल मंगू भाई पटेल के अभिभाषण के साथ जैसे ही शुरू हुआ, विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और इसके बाद कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई, शुरुआत से ही हंगामा होने के कारण दोनों ही दल, नए सिरे से विधायक दल की बैठकों में रणनीति बनाने जा रहे हैं।

दरअसल इस बार विपक्ष के पास, कुछ ऐसे ज्वलंत मुद्दे हैं, जिसके चलते हुए विधानसभा में शुरू से ही इन मुद्दों को उठाने की रणनीति बना रहा है और सोमवार को राज्यपाल ने, जैसे ही अभिभाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि देश ऐसी दहलीज पर खड़ा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृतकाल की संज्ञा दी है, उन्होंने उद्योगों के अनुकूल वातावरण भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश को 2 मिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने ‘पीएम जनमन योजना’ के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने और नई शिक्षा नीति के तहत किए गए कार्यों का उल्लेख किया। वैसे ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि ‘नल जल योजना’ और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतो का मुद्दा भाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी, नारेबाजी के बीच ही राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा, राज्यपाल के सदन से जाने के बाद कार्रवाई द्वारा शुरू हुई, जहां विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो हिस्सा पढा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा और इसके बाद सदन की कार्रवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
बहरहाल विधानसभा का सत्र 6 मार्च तक चलना है, पहले दिन 16 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण हुआ और 18 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा, बजट सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाओं दी गई है, 236 ध्यानाकर्षण 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे, शून्यकाल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे, इसके अलावा विपक्षी दल, कांग्रेस विधायक कल की बैठक सोमवार शाम को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के निवास पर हुई, जिसमें प्रदेश में बढ़ते कर्ज के बोझ को लेकर विधानसभा के बजट सत्र में प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर श्वेत पत्र लाने की मांग भी उठायेगा, बैठक में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से हुई 38 मौतों के बाद प्रदेश में पेयजल संयंत्र और पानी की लाइनों की जांच को लेकर स्थगन प्रस्ताव ला सकती है, साथ ही भोपाल में नगर निगम के सरकारी स्लॉटर हाउस से गौ मांस की सप्लाई के मुद्दे पर भी सरकार को विपक्ष घेरेगा, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जाएगा, विपक्ष की तैयारियों को देखते हुए सत्तारुढ-दल भाजपा ने अपनी रणनीति पहले से बनानी शुरू कर दी थी नगरीय प्रशासन एवं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की लंबे अरसे बाद, मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को इसी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है, आज शाम को भाजपा विधायक दल की बैठक भी हो सकती है, जिसमें सभी विधायक एक जुट होकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देंगे।

कुल मिलाकर विपक्ष के पास ज्वलंत मुद्दे हैं, जिसे वह सत्र में पूरी ताकत से उठाना चाह रहा है, दूसरी ओर सत्ता रुढ दल भाजपा ने भी विपक्ष के आरोपों का पूरी ताकत से जवाब देने की रणनीति बना ली है, पहले दिन से हंगामा से हुई शुरुआत आगे भी हंगामे दार सत्र के इरादे जाहिर कर चुका है।
15 फरवरी को महाशिवरात्रि का महापर्व होने के कारण अधिकांश विधायक सुबह-सुबह राजधानी भोपाल पहुंचे हैं, कुछ तो विधानसभा भी नहीं पहुंच पाए, लेकिन सोमवार रात तक सभी विधायक भोपाल पहुंच गए हैं।

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