मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव रविवार को राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मिले और उसके बाद एक बार फिर खरमास के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकल तेज हो गई है मुख्यमंत्री 18 जनवरी को स्वीटजरलैंड के दावोंस जाएंगे और फिर 23 जनवरी को लौटेंगे अनुमान लगाया जा रहा है कि विदेश यात्रा जाने से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे।

दरअसल मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की सरकार को 2 साल पूरे हो गए हैं और इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की अटकल में तेज हो गई है, क्योंकि 14 जनवरी तक खरमास माह है, इसके कारण मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो रहा है हालांकि मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा हो चुकी है, मंत्रियों की रेटिंग तय की जा चुकी है और केंद्रीय नेतृत्व के पास पूरी रिपोर्ट पहुंच चुकी है कई चक्र मंथन किया गया और उसे पर अब 15 जनवरी के बाद कभी भी अंतिम निर्णय हो सकता है ।

पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद कुछ राज्यों में संगठन और सरकार स्तर पर बड़े फैसले लिए जाने हैं, ऐसे में भाजपा संगठन की राष्ट्रीय स्तर की टीम में मध्य प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है इनमें कुछ नेता ऐसे भी है, जो वर्तमान में समय में प्रदेश सरकार में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं ।

इन नेताओं से मंत्री पद लेकर उन्हें संगठन में राष्ट्रीय महासचिव जैसी बड़ी जवाबदारी भी दी जा सकती है जानकारों का कहना है कि परफॉर्मेंस के आधार पर यदि विधायकों से मंत्री पद दिया जाएगा तो मंत्री भी ऐसे विधायकों को बनाया जाएगा जिनका 2 साल का परफॉर्मेंस अपने क्षेत्र में बेहतर रहा है और जिनके द्वारा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का अपने क्षेत्र में बेहतर ढंग से क्रियान्वयन कराया है, पिछले दिनों ग्वालियर प्रवास के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत दे चुके हैं माना तो यहां तक जा रहा है कि कुछ मंत्रियों को संकेत हो चुके हैं जिन्हें मंत्रिमंडल से हटाकर नई जिम्मेवारी दी जानी, वहीं कुछ वरिष्ठ विधायकों को भी संकेत है कि उन्हें जल्द ही मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा लगभग 8 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं क्योंकि चार पद खाली है और चार या पांच मंत्रियों के इस्तीफे हो सकते हैं जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ-साथ दक्षता क्षमता का भी पर्याप्त ध्यान रखा जाएगा क्योंकि 2028 के विधानसभा चुनाव तक यही नया मंत्रिमंडल काम करेगा ।

कुल मिलाकर खरमास में समाप्त होते ही निगम मंडलों में नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार होने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही है मुख्यमंत्री की राज्यपाल से हुई मुलाकात को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है

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