शताब्दी वर्ष में संघ में हो रहे महत्वपूर्ण बदलाव – देवदत्त दुबे

शताब्दी वर्ष में संघ में हो रहे महत्वपूर्ण बदलाव – देवदत्त दुबे

समय के साथ संघ में भी बदलाव आ रहा है, संघ संगठनात्मक ढांचे पर तो बदलाव कर ही रहा है, अब सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहेगा, जनवरी के दूसरे पखवाड़े में संघ की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।+


दरअसल अब तक संघ बिना शोर शराबे के चुपचाप कैमरा बंद बैठकों के माध्यम से समाज में काम करता आ रहा है लेकिन अब समय के साथ संघ भी बदल रहा है और अपने कार्यों को समाज के सामने लाने की तैयारी में है, जिस तरह से संघ प्रमुख डॉक्टर मोहन भागवत देशभर का दौरा कर रहे हैं और विभिन्न मंचों से संघ के सामाजिक योगदान सेवा कार्यो और अब तक के संघर्षों को जनता के सामने रख रहे हैं, वैसे ही संघ सोशल मीडिया पर भी सक्रिय होने की योजना बना रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संघ द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य ,आपदा राहत, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए किये जा रहे कार्यों को जन समूह तक पहुंचाया जाएगा। संघ के जानकारों का कहना है कि यह बदलाव संवाद बढ़ाने की दिशा में कदम है संगठन चाहता है कि समाज विशेष कर युवा वर्ग संघ के कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से समझे और उनसे जुड़े।


बहरहाल जनवरी के तीसरे सप्ताह में मध्य प्रदेश में संघ की नई व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है माना जा रहा है इस बैठक में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रदेश स्तर पर नए स्वरूप पर चर्चा करेंगे। संघ के ढांचे में परिवर्तन नागपुर में बनी कार्य योजना पर हो रहा है, वर्तमान में मध्य प्रदेश में संघ की दृष्टि से तीन प्रांत हैं मध्य प्रांत, मालवा प्रांत और महाकौशल प्रांत, जबकि छत्तीसगढ़ में एक प्रांत है अब संघ, मध्यप्रदेश में भी तीनों प्रान्तों को मिलाकर एक राज्य के रूप में व्यवस्था करेगा, जहां अभी तीन प्रांत प्रचारक हुआ करते हैं वहां अब एक राज्य प्रचारक होगा और राज्य प्रचारक के नीचे संभागीय प्रचारक नियुक्त किए जाएंगे, नई व्यवस्था के अनुसार संभागीय प्रचारक होंगे, उन्हें विभाग प्रचारक कहा जाएगा, जिला प्रचार की संरचना पूर्व की तरह बनी रहेगी।


कुल मिलाकर शताब्दी वर्ष में संघ अपने न केवल संगठनिक ढांचे में बदलाव कर रहा है बल्कि सोशल मीडिया पर भी सक्रियता बढ़ाएगा, जिससे आम जनता तक संघ के कार्य पहुंच सके और सोशल मीडिया के माध्यम से युवा वर्ग संघ के कायों को समझें और फिर संघ से जुड़े।

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